#Unmukt #Onegooneimpact

अब हवाओं को नई कहानी लिखनी होगी

आज़ादी की चिंगारी हर हिन्दुस्तानी को जलानी होगी

आजाद हिन्द के कैद परिंदों को आसमां की सैर करानी होगी

घुटती साँसों को, नम आँखों को, बेबस बचपन को रिहाई अब दिलानी होगी

उन नन्हें पांव को, तपती देह को, ठंडी छाँव दिलानी होगी

ठिठुरती जुबानों को, दबी उम्मीदों को, सुकून भरी रातें दिलानी होगी

उन फैले हाथों को अब ता-उम्र मुट्ठी बंद रखनी होगी

71 सालों बाद आज फिर आजादी की तस्वीर सजानी होगी

हिन्दुस्तानी क़दमों को फिर आज दांडी मार्च दोहरानी होगी

उन्मुक्त के क़दमों से खाली हाथों को कलम की तालीम दिलानी होगी

इंक़लाब जिंदाबाद की मशालों को , आज फिर  बंद मुट्ठी की तर्ज दिलानी होगी

हजारों दुआओं को आज फिर एकजुट होने की कसम खानी होगी

आज़ादी की नज्में फिर , जुबानों को दोहरानी होगी

  • #Onegooneimpact

By: Chandni Gupta and Riya Sachdeva


1 thought on “#Unmukt #Onegooneimpact

  1. ashishbless211 says:

    Jai hind jai bharat

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